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केन्द्रीय टीम ने माहेश्वरी सदन में पहुँच की हिंसा पीड़ितों से मुलाकात
कोलकाता। भले ही लोकसभा चुनाव खत्म हो गया हो लेकिन चुनाव के बाद एक के बाद एक शूटआउट की घटना ने एक तरफ जहाँ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये हैं तो वही चुनावी हिंसा को लेकर लगातार विरोधी पार्टियां सरकार पर हमलावर है। इन सब के बीच बंगाल भाजपा मुख्यालय के सामने से बम बरामद होने की घटना से हलचल मच गयी। दरअसल भाजपा मुख्यालय के सामने ही माहेश्वरी सदन है जहाँ भाजपा ने चुनावी हिंसा से पीड़ित लोगों को रखा हैं। महेश्वरी सदन और भाजपा कार्यालय के बीच स्थित सेन्ट्रल एवेन्यू से एक बम जैसी चीज मिली है। इस सूचना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया है और पुलिस ने पूरे एरिए को घेर रखा है।
बीजेपी नेता और उत्तर कोलकाता प्रेसिडेंट तमघ्न घोष ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बीजेपी के पार्टी दफ्तर के सामने मिली यह वस्तु बम है तो कोलकाता पुलिस की बम निरोधक टीम कहां है? उन्होंने ये भी कहा कि सुरक्षा में चूक हुई है। घटना की सूचना पाकर बम स्क्वायड की टीम घटनास्थल पर पहुँची और संदिग्ध बम को बरामद किया। दरअसल रविवार शाम को ही भाजपा के प्रतिनिधि दल के चार सदस्य त्रिपूरा के पूर्व सीएम विप्लव देव, सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और सांसद कविता पाटीदार कोलकाता पहुँचे थे और उन्हें वहाँ से संदेशखाली के हिंसा पीड़ितों से मिलने के लिये माहेश्वरी सदन जाना था लेकिन केन्द्रीय टीम के पहुँचने से पहले ही बम आंतक को लेकर वहाँ अफरा तफरी मच गयी। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बम किसने छोड़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है.
चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी शोर है. रविवार को ही हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार शुवेंदु अधिकारी रविवार को 'घर छोड़कर भागे' पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन गए थे. राज्य के विपक्षी दल के नेता ने राज्यपाल से पीड़ितों के आंकड़े उजागर कर मदद मांगी. राज्यपाल ने चुनाव बाद हिंसा से 'प्रभावित' लोगों से बांग्ला में बात की। सीवी आनंद बोस ने चेतावनी दी 'मैं अंत देखकर ही चला जाऊंगा।' इस बीच, चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए रविवार शाम को नड्डा की चार सदस्यीय टीम राज्य में पहुंची। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने दमदम हवाईअड्डे पर कदम रखकर हिंसा का विरोध किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से त्रिपुरा में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुई है. प्रतिनिधिमंडल के एक अन्य सदस्य रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वोट के बाद बंगाल में हिंसा ही हिंसा है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'मुझे एक ही बात कहनी है, पूरे देश में चुनाव होते हैं, चुनाव के बाद सिर्फ बंगाल में हिंसा क्यों होती है? ग्राम पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान भी हिंसा हुई थी। आज फिर हिंसा हुई है। पूरे देश में चुनाव हुए और ऐसी हिंसा कहीं नहीं हुई। क्या कारण है कि हमारे कार्यकर्ता डरे हुए हैं, जनता डरी हुई है, यह बहुत गंभीर मामला है और अगर ममता बनर्जी लोकतंत्र में विश्वास करती हैं तो उन्हें इसका जवाब देना होगा। केंद्रीय दल के सदस्यों ने रात में उत्तरी कोलकाता के माहेश्वरी भवन में भाजपा के 'पीड़ितों' से मुलाकात की। वे सोमवार को कूचबिहार जायेंगे. उन्हें मंगलवार को जॉयनगर और संदेशखाली जाना है. पुलिस अब इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिये बम रखने वाले की तलाश में जुट गयी है। फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी हैं और डॉग स्क्वायड की टीम की भी मदद ली जा रही है।